जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई कूटनीतिक कदम उठाए हैं, जिनमें से सबसे निर्णायक कदम इंडस जल संधि पर रोक है। इस फैसले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को साफ कहा कि “भारत का पानी अब केवल भारत के हित में बहेगा”, और इस नीति में कोई बदलाव नहीं होगा।
“पहले भारत के हिस्से का पानी भी बाहर जा रहा था…”
ABP नेटवर्क के एक कार्यक्रम में बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा:
“पहले भारत के हक़ का पानी भी बाहर जा रहा था। अब भारत का पानी भारत के हक़ में बहेगा, भारत के हक़ में रुकेगा और भारत के ही काम आएगा।”
उनका यह बयान सीधे तौर पर पाकिस्तान के लिए एक सख्त संदेश माना जा रहा है, खासकर तब जब भारत ने 1961 की सिंधु जल संधि के तहत मिलने वाले जल प्रवाह को न्यूनतम करने का फैसला लिया है।
इंडस जल संधि पर रोक: पाकिस्तान पर सबसे प्रभावशाली दबाव
विशेषज्ञों के अनुसार, सिंधु जल संधि पर रोक पाकिस्तान पर सबसे प्रभावशाली कूटनीतिक दबाव माना जा रहा है, क्योंकि पाकिस्तान की सिंचाई व्यवस्था और पीने के पानी की आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा इस पर निर्भर है। अब तक भारत संधि के तहत मिलने वाले जल का सिर्फ एक छोटा हिस्सा ही उपयोग करता रहा था।
अन्य कदम: वीज़ा रद्द, सीमा बंद
भारत ने सिंधु जल संधि पर रोक के साथ-साथ:
- पाकिस्तानी नागरिकों के वीज़ा रद्द कर दिए हैं,
- सीमा को प्रभावी रूप से सील कर दिया गया है,
- और नागरिक सुरक्षा ड्रिल्स शुरू की जा रही हैं जिसमें आम लोगों और छात्रों को हवाई हमले से बचाव के उपाय सिखाए जाएंगे।
UN में भारत को मिला समर्थन
पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित आतंक के विरोध में अंतरराष्ट्रीय समुदाय भारत के साथ खड़ा नजर आ रहा है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भी यह मुद्दा उठा, जहां पाकिस्तान को फटकार मिली, हालांकि औपचारिक बयान जारी नहीं हुआ।
सेना की तैयारी: राफेल से लेकर सुखोई तक, बड़ी सैन्य कवायद
इस बीच भारतीय वायुसेना राजस्थान की सीमा से लगे क्षेत्रों में एक बड़ा युद्धाभ्यास कर रही है जिसमें राफेल, मिराज-2000 और सुखोई जैसे फाइटर जेट्स शामिल हैं। साथ ही नौसेना भी अरब सागर में रणनीतिक युद्धाभ्यास कर रही है।
निरंतर गोलीबारी, DGMO स्तर पर बातचीत
LoC पर लगातार 12वीं रात गोलीबारी जारी रही। भारतीय सेना ने DGMO हॉटलाइन पर पाकिस्तान को फटकार लगाई और “बिना उकसावे के” की गई गोलीबारी का मुद्दा उठाया।