बिना फेरे लिए भी अब आप ‘शादीशुदा’ कहलाएंगे? जानिए जनगणना के नए नियमों में क्या छिपा है आपके लिए!
यानी अब सिर्फ कागज़ों की मुहर नहीं, बल्कि आपका साथ रहना ही आपकी सामाजिक पहचान तय करेगा।
लिव-इन में रहने वालों के लिए बड़ी खबर: 2026 की जनगणना में क्या आपको भी माना जाएगा पति-पत्नी?
भारत में जल्द ही होने वाली 2026 की जनगणना (Census) को लेकर एक बेहद चौंकाने वाली जानकारी सामने आ रही है। चर्चा है कि इस बार सरकार उन जोड़ों को भी ‘शादीशुदा’ की श्रेणी में गिन सकती है, जो बिना शादी के एक साथ रह रहे हैं।
क्या है मामला
इस मामले में सामने आया है कि जनगणना के आगामी दिशा-निर्देशों में परिवारों की गिनती के पुराने तरीकों को बदला जा सकता है। अब तक सिर्फ कानूनी रूप से शादी करने वालों को ही शादीशुदा माना जाता था।
रिपोर्ट के अनुसार, अगर कोई जोड़ा एक ही घर में लंबे समय से साथ रह रहा है और समाज की नजरों में एक परिवार की तरह है, तो जनगणना अधिकारी उन्हें विवाहित जोड़ों की लिस्ट में शामिल कर सकते हैं।
जानकारी के मुताबिक, इस बदलाव का मकसद देश की आबादी और बदलते सामाजिक ढांचे की बिल्कुल सही और सटीक तस्वीर सरकार के सामने रखना है, ताकि नीतियां बेहतर बनाई जा सकें।
मुख्य बातें
- 2026 की जनगणना में लिव-इन कपल्स को भी शादीशुदा जोड़ों की कैटेगरी में रखा जा सकता है।
- इसका मतलब है कि डेटा इकट्ठा करते समय आपकी आपसी सहमति और साथ रहने को ही आधार माना जाएगा।
- बदलते दौर में बढ़ते लिव-इन कल्चर को देखते हुए यह फैसला लिया जा सकता है।
- इसका असर सरकार की भविष्य की कल्याणकारी योजनाओं और सामाजिक आंकड़ों पर पड़ेगा।
पृष्ठभूमि
भारत में पिछले कुछ दशकों में समाज के रहने के तरीके में काफी बदलाव आया है। सुप्रीम कोर्ट ने भी कई बार अपने फैसलों में लिव-इन रिलेशनशिप को मान्यता दी है। अब तक जनगणना में सिर्फ पारंपरिक विवाह को ही दर्जा मिलता था, लेकिन अब बदलते वक्त के साथ नियमों को अपडेट करने की तैयारी है।
यह क्यों मायने रखता है
आम लोगों के लिए इसका सीधा मतलब है कि सरकार अब समाज की हकीकत को स्वीकार कर रही है। इससे यह पता चलेगा कि देश में कितने लोग पारंपरिक शादी से हटकर साथ रह रहे हैं। सही आंकड़े होने से हाउसिंग, हेल्थ और अन्य सरकारी योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू करने में मदद मिलेगी।
अंत में समझिए
कुल मिलाकर बात यह है कि जनगणना सिर्फ लोगों को गिनने का काम नहीं है, बल्कि समाज के बदलते चेहरे को समझने की एक कोशिश है। हालांकि, इसे कानूनी रूप से शादी नहीं माना जाएगा, लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में आपकी गिनती एक परिवार के तौर पर ही होगी।
यह लेख विभिन्न स्रोतों से मिली जानकारी के आधार पर सरल रूप में तैयार किया गया है।