17.5 करोड़ की भारी-भरकम कीमत और मैदान पर ऐसा खेल? सोशल मीडिया पर अब ‘रिफंड’ की मांग उठने लगी है!
यानी साफ है, जब कीमत आसमान छू रही हो, तो एक खराब प्रदर्शन भी फैंस को बर्दाश्त नहीं होता।
क्या टीम को मिलने चाहिए पैसे वापस? कैमरन ग्रीन के फ्लॉप शो पर सोशल मीडिया ने लिए जमकर मजे!
आईपीएल में एक तरफ जीत का जश्न होता है, तो दूसरी तरफ हार का पोस्टमार्टम। हाल ही में हुए मुकाबले के बाद अब सारा ध्यान कैमरन ग्रीन पर टिक गया है, जिनका प्रदर्शन उनकी कीमत के साथ मेल नहीं खा रहा।
क्या है मामला
इस मामले में सामने आया है कि कैमरन ग्रीन को जिस बड़ी उम्मीद के साथ टीम में शामिल किया गया था, वह अब तक मैदान पर नजर नहीं आई है। कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के खिलाफ मैच में उनका खेल इतना फीका रहा कि फैंस अब उनके ‘प्राइस टैग’ पर सवाल उठाने लगे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, मैदान पर ग्रीन न तो बल्ले से कोई कमाल कर सके और न ही गेंदबाजी में विपक्षी टीम को परेशान कर पाए। उनके इस प्रदर्शन के बाद इंटरनेट पर ‘रिफंड’ वाले मीम्स की बाढ़ आ गई है।
जानकारी के मुताबिक, मुंबई इंडियंस से आरसीबी में आए ग्रीन इस सीजन के सबसे महंगे खिलाड़ियों में से एक हैं, लेकिन उनका बल्ला फिलहाल शांत है, जिसने टीम की मुश्किलों को और बढ़ा दिया है।
मुख्य बातें
- कैमरन ग्रीन को 17.5 करोड़ रुपये की भारी रकम पर ट्रेड किया गया था।
- केकेआर के खिलाफ मैच में वह पूरी तरह बेअसर साबित हुए।
- सोशल मीडिया पर फैंस अब टीम मैनेजमेंट के फैसले को गलत बता रहे हैं।
- ग्रीन के खराब फॉर्म के कारण टीम के मिडल ऑर्डर पर दबाव बढ़ता जा रहा है।
पृष्ठभूमि
मुंबई इंडियंस ने पिछले सीजन ग्रीन को एक ऑलराउंडर के तौर पर तैयार किया था, लेकिन इस साल उन्हें आरसीबी को ट्रेड कर दिया गया। उम्मीद थी कि वह मैक्सवेल और कोहली के साथ मिलकर टीम को मजबूती देंगे, लेकिन फिलहाल उनकी फॉर्म टीम के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
यह क्यों मायने रखता है
क्रिकेट फैंस के लिए यह सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि जज्बात हैं। जब कोई टीम अपनी बजट का बड़ा हिस्सा एक खिलाड़ी पर लगाती है, तो आम दर्शक उम्मीद करता है कि वह खिलाड़ी मैच जिताकर देगा। अगर ऐसा नहीं होता, तो टीम का पूरा बैलेंस बिगड़ जाता है और इसका असर सीधे पॉइंट्स टेबल पर पड़ता है।
अंत में समझिए
खेल में उतार-चढ़ाव तो आते रहते हैं, लेकिन जब आप करोड़ों की डील का हिस्सा होते हैं, तो दबाव भी दोगुना हो जाता है। फिलहाल तो ग्रीन के लिए मुश्किल वक्त है, अब देखना ये है कि वो अगले मैचों में अपने आलोचकों को बल्ले से जवाब दे पाते हैं या नहीं।
यह लेख विभिन्न स्रोतों से मिली जानकारी के आधार पर सरल रूप में तैयार किया गया है।