अगर आप भी खबरें जानने के लिए यूट्यूब या इंस्टाग्राम पर भरोसा करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। अब सोशल मीडिया पर ‘न्यूज’ देने वालों की खैर नहीं!
सीधे शब्दों में कहें तो, अब आपके पसंदीदा इन्फ्लुएंसर्स को भी बड़े न्यूज चैनलों की तरह नियमों के दायरे में रहना होगा।
सोशल मीडिया पर न्यूज देने वालों पर कसेगा सरकारी शिकंजा? सरकार ला सकती है नए आईटी नियम!
आजकल बहुत से लोग अखबार या टीवी से ज्यादा सोशल मीडिया पर खबरें देखते हैं। लेकिन अब भारत सरकार इन सोशल मीडिया न्यूज चैनलों और इन्फ्लुएंसर्स के लिए कुछ सख्त नियम बनाने की तैयारी में है ताकि इंटरनेट पर जवाबदेही तय की जा सके।
क्या है मामला
जानकारी के मुताबिक, सरकार आईटी नियमों (IT Rules) में कुछ बड़े बदलाव करने पर विचार कर रही है। इस मामले में सामने आया है कि अब सोशल मीडिया पर खबरें देने वाले कंटेंट क्रिएटर्स भी सरकारी निगरानी के दायरे में आ सकते हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, अब तक जो नियम सिर्फ बड़े डिजिटल न्यूज पोर्टल्स और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर लागू थे, वे अब फेसबुक, एक्स (ट्विटर) और यूट्यूब पर सक्रिय स्वतंत्र पत्रकारों और इन्फ्लुएंसर्स पर भी लागू हो सकते हैं। इसका मकसद डिजिटल न्यूज की क्वालिटी और उसकी सच्चाई को बनाए रखना है।
मुख्य बातें
- सोशल मीडिया पर न्यूज कंटेंट पोस्ट करने वालों की जिम्मेदारी अब और बढ़ जाएगी।
- गलत जानकारी या फेक न्यूज फैलाने पर सरकार की ओर से सख्त एक्शन लिया जा सकता है।
- इन्फ्लुएंसर्स को भी अब पत्रकारिता के बुनियादी मानकों और नियमों का पालन करना होगा।
- नियमों के उल्लंघन पर कंटेंट हटाने या अकाउंट पर कार्रवाई करने की शक्ति सरकार के पास होगी।
पृष्ठभूमि
पिछले कुछ सालों में डिजिटल न्यूज का चलन काफी तेजी से बढ़ा है। कई बार बिना किसी जांच-परख के सोशल मीडिया पर सनसनीखेज खबरें शेयर कर दी जाती हैं, जिससे लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा होती है। सरकार लंबे समय से एक ऐसा फ्रेमवर्क तैयार करना चाहती है जिससे इंटरनेट पर फैलने वाली सूचनाओं को रेगुलेट किया जा सके।
यह क्यों मायने रखता है
यह बदलाव आम लोगों के लिए बहुत अहम है क्योंकि इससे हमें मिलने वाली जानकारी की विश्वसनीयता बढ़ेगी। अक्सर सोशल मीडिया पर व्यूज के चक्कर में आधी-अधूरी खबरें परोसी जाती हैं, जिस पर अब लगाम लग सकेगी। हालांकि, छोटे क्रिएटर्स के लिए यह चुनौती भी हो सकती है क्योंकि उन्हें अब नियमों का बहुत ध्यान रखना होगा।
अंत में समझिए
कुल मिलाकर सरकार का इरादा इंटरनेट पर फैली फेक न्यूज को साफ करना है। आने वाले समय में सोशल मीडिया पर खबर देना उतना आसान नहीं होगा जितना आज है। अब देखना यह होगा कि ये नए नियम कब तक लागू होते हैं और सोशल मीडिया की इस दुनिया पर इनका कितना गहरा असर पड़ता है।
यह लेख विभिन्न स्रोतों से मिली जानकारी के आधार पर सरल रूप में तैयार किया गया है।