शराब, प्यार और वो जबरदस्त पागलपन… 15 साल बाद फिर लौट रहा है सबका चहेता ‘देव’! क्या आज की नई पीढ़ी इस नशे को झेल पाएगी?
इस बार देव का अंदाज वही पुराना है, पर देखने वाली आंखें नई होंगी।
15 साल बाद फिर से चढ़ने वाला है ‘देव’ का नशा, पर अनुराग कश्यप को सता रहा है एक बड़ा डर!
याद है वो दौर जब ‘बावरा मन’ और ‘परदेसी’ जैसे गानों ने हर किसी के फोन की रिंगटोन और प्लेलिस्ट में जगह बना ली थी? अनुराग कश्यप की वो फिल्म जिसने ‘देवदास’ को एक मॉडर्न और बोल्ड रूप में पेश किया था, यानी ‘देव डी’, एक बार फिर बड़े पर्दे पर अपनी चमक बिखेरने आ रही है।
दरअसल, इस कल्ट क्लासिक फिल्म को 24 अप्रैल को दोबारा सिनेमाघरों में रिलीज किया जा रहा है। अभय देओल का वो बेपरवाह अंदाज, माही गिल की सादगी और कल्कि केचलन की बोल्डनेस ने उस वक्त बॉक्स ऑफिस पर जो धमाका किया था, उसकी गूंज आज भी सुनाई देती है।
अब चर्चा हो रही है कि आज की ‘जेन-जी’ (Gen-Z) इस फिल्म को किस नजरिए से देखेगी। खुद डायरेक्टर अनुराग कश्यप इस बात को लेकर काफी उत्सुक हैं। उनका कहना है कि वो ये देखने के लिए बेताब हैं कि आज के दौर के युवा, जो रिश्तों और प्यार को बिल्कुल अलग तरह से समझते हैं, इस मॉडर्न देवदास पर कैसा रिएक्शन देते हैं।
खास बात ये है कि ‘देव डी’ सिर्फ एक फिल्म नहीं थी, बल्कि बॉलीवुड के लिए एक एक्सपेरिमेंट था जिसने बोल्डनेस और म्यूजिक के सारे पुराने ढर्रों को तोड़ दिया था। यही वजह है कि मेकर्स इसे एक बार फिर बड़े पर्दे पर उतारकर पुरानी यादों को ताजा करना चाहते हैं।
दिलचस्प बात तो ये है कि उस वक्त अमित त्रिवेदी के म्यूजिक ने लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया था, लेकिन क्या आज के ओटीटी और रील्स के जमाने में ‘इमोशनल अत्याचार’ वैसा ही जादू चला पाएगा? यह देखना वाकई मजेदार होगा।
तो क्या आप फिर से उस पुराने पागलपन को महसूस करने के लिए थिएटर का रुख करेंगे, या फिर घर बैठे पुराने गाने ही गुनगुनाते रहेंगे?
यह जानकारी विभिन्न स्रोतों के आधार पर सरल रूप में प्रस्तुत की गई है।