Google का Gemini 2.5 अब Chrome में; नए Deep Think मोड से बढ़ी AI की ताकत

गूगल ने अपने सालाना डेवलपर इवेंट Google I/O 2025 में AI के क्षेत्र में कई बड़े ऐलान किए हैं। इनमें सबसे खास रहा Gemini 2.5 मॉडल्स का नया अपडेट, जो अब न सिर्फ ज्यादा समझदार हो गया है, बल्कि अब सीधे आपके Chrome ब्राउज़र का हिस्सा भी बन गया है। इसका मतलब यह है कि अब यूजर्स को किसी अलग ऐप या वेबसाइट खोलने की जरूरत नहीं होगी—Gemini अब आपके ब्राउज़र की एक क्लिक पर उपलब्ध रहेगा।

Chrome के टॉप-राइट कोने पर आपको एक नया Gemini आइकन दिखाई देगा। इस पर क्लिक करते ही एक छोटा चैट विंडो खुलेगा, जहां Gemini आपकी ओपन की हुई वेबसाइट को समझकर उसी के अनुसार आपके सवालों का जवाब देगा। मसलन, अगर आप Sony के नए हेडफोन्स की साइट देख रहे हैं, तो आप Gemini से पूछ सकते हैं कि ये हेडफोन गेमिंग के लिए कैसे हैं या इन्हें किसी और ब्रांड से कैसे कंपेयर किया जाए।

लेकिन बात यहीं खत्म नहीं होती। Gemini अब एक डिजिटल टीचर, रेसिपी असिस्टेंट और कॉमिक स्ट्रिप एक्सपर्ट तक बन चुका है। यह आपको कॉमिक्स की पंचलाइन समझा सकता है, किसी जटिल टॉपिक पर क्विज करवा सकता है या रेसिपी को ग्लूटन-फ्री बनाने में भी मदद कर सकता है।

इस बार Google ने Deep Think नाम से एक नया reasoning मोड भी पेश किया है, जो Gemini 2.5 Pro मॉडल पर आधारित है। यह नया मोड यूजर के सवालों के जवाब देने से पहले अलग-अलग संभावनाओं पर सोचता है, जिससे ज्यादा सटीक और इंसानी जैसे जवाब मिलते हैं। इस मॉडल ने UAMO 2025 जैसे कठिन गणितीय टेस्ट में 49.4% स्कोर किया है, जो इसकी क्षमता को दर्शाता है।

Gemini 2.5 Pro मॉडल अब WebDev Arena और LMArena जैसे लीडरबोर्ड्स पर टॉप पोजिशन पर है। गूगल का दावा है कि इसके reasoning, कोडिंग और मल्टीमॉडल क्षमताओं में जबरदस्त सुधार हुआ है। इसके साथ ही गूगल ने Gemini 2.5 Flash का भी अपडेटेड वर्जन लॉन्च किया है, जो पहले से 20-30% कम टोकन यूज करता है और ज्यादा एफिशिएंट है।

AI के इस नए युग में गूगल Native Audio Output नामक तकनीक भी लेकर आया है, जिससे AI की आवाज अब और अधिक प्राकृतिक और इंसान जैसी सुनाई देगी। इसमें Affective Dialogue, Proactive Audio और Thinking जैसे फीचर्स शामिल हैं, जो यूजर के इमोशंस को पहचानकर उसी हिसाब से प्रतिक्रिया देते हैं।

गूगल के इस कदम को OpenAI के चैटजीपीटी से टक्कर देने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। एक तरफ चैटजीपीटी के 400 मिलियन साप्ताहिक यूजर्स हैं, वहीं गूगल का दावा है कि उनके AI Overviews को 1.5 बिलियन से ज्यादा लोग इस्तेमाल कर रहे हैं।

आखिरकार, यह दौड़ सिर्फ AI बनाने की नहीं, बल्कि उसे सबसे पहले और सबसे बेहतर तरीके से यूजर्स तक पहुंचाने की है। और इसमें गूगल ने एक बार फिर दिखा दिया है कि वह इस दौड़ में कितना आगे है।

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